Posts

रक्षा बंधन हिन्दू धर्म के मुख्य त्योहारो में से एक है। वैसे तो यह पर्व पूरे भारत भर में मनाया जाता है, लेकिन उत्तर और पश्चिम भारत के लोगो के लिए इस पर्व का एक विशेष महत्व है।   इस पर्व की शुरुआत बहनों  द्वारा अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर किया जाता है, इसके बाद वह उनके कलाई पर राखी बाधते हुए उन्हे मिठाई खिलाती है और अपने भाई के लिए मंगलकामना करती है तथा अंत में भाइयों द्वारा अपनी बहनों  को उपहार भेंट किये जाते है और उनकी रक्षा का प्रण लिया जाता है। यह सिर्फ भाई बहनों के लिए महत्वपूर्ण दिन नही है बल्कि की पूरे परिवार के साथ घुलने-मिलने का विशेषदिन होता है।  इसके अलावा वह जो रक्षा बंधन के अवसर पर एक-दूसरे से नही मिल पाते थे, वह भी काफी आसानी से फोन या लैपटाप द्वारा एक-दूसरे से बातें कर सकते है।

સુષ્મા સ્વરાજ

સુષ્મા સ્વરાજ નો જન્મ ૧૪ ફેબ્રુઆરી , ૧૯૫૨ માં અંબાલા કેન્ટોનમેન્ટ , પંજાબ , ભારત(હવે હરિયાણા , ભારત)માં થયો હતો. હરદેવ શર્મા પિતા અને શ્રીમતી લક્ષ્મી દેવીનો માતા હતા . તેના પિતા રાષ્ટ્રીય સ્વયંસેવક સંઘના અગ્રણી સભ્ય હતા. તેના માતાપિતા પાકિસ્તાનના લાહોરના ધરમપુરા વિસ્તારના હતા.તેણીએ અંબાલા માં સ્નાતકની ડિગ્રી મેળવી હતી. તેણે પંજાબ યુનિવર્સિટી , ચંદીગઢમાં કાયદાનો અભ્યાસ કર્યો.હરિયાણાના ભાષા વિભાગ દ્વારા યોજાયેલ રાજ્ય કક્ષાની સ્પર્ધામાં 1973 માં , સ્વરાજે ભારતની સુપ્રીમ કોર્ટમાં એડવોકેટ તરીકે પ્રેક્ટિસ શરૂ કરી. સુષ્મા સ્વરાજ 1975 માં જ્યોર્જ ફર્નાન્ડિઝની કાનૂની સંરક્ષણ ટીમનો ભાગ બન્યા હતા. તેમણે જયપ્રકાશ નારાયણની કુલ ક્રાંતિ આંદોલનમાં સક્રિયપણે ભાગ લીધો હતો. કટોકટી પછી , તે ભારતીય જનતા પાર્ટીમાં જોડાઈ. પાછળથી , તે ભાજપના રાષ્ટ્રીય નેતા બન્યા. 25 વર્ષની ઉંમરે અંબાલા કેન્ટોનમેન્ટ વિધાનસભા બેઠક મેળવી , અને પછી કેબિનેટ મંત્રી તરીકે શપથ લીધા હતા. તે 27  હરિયાણા ના પ્રદેશ અધ્યક્ષ બન્યા. ભારતીય જનતા પાર્ટી લોકસભાની ગઠબંધન સરકારમાં 1987 થી 1990 ના ગાળામાં તે હરિયાણા રાજ્યના શિક્ષણ પ્રધાન હત...

महिलाओं की समाज में भूमिका पर निबंध

?    महिलाओं की समाज में भूमिका पर निबंध   हमारे समाज में महिला अपने जन्म से लेकर मृत्यु तक एक अहम किरदार निभाती है। अपनी सभी भूमिकाओं में निपुणता दर्शाने के बावजूद आज के आधुनिक युग में महिला पुरुष से पीछे खड़ी दिखाई देती है। पुरुष प्रधान समाज में महिला की योग्यता को आदमी से कम देखा जाता है।सरकार द्वारा जागरूकता फ़ैलाने वाले कई कार्यक्रम चलाने के बावजूद महिला की जिंदगी पुरुष की जिंदगी के मुक़ाबले काफी जटिल हो गयी है। महिला को अपनी जिंदगी का ख्याल तो रखना ही पड़ता है साथ में पूरे परिवार का ध्यान भी रखना पड़ता है। वह पूरी जिंदगी बेटी , बहन , पत्नी , माँ , सास , और दादी जैसे रिश्तों को ईमानदारी से निभाती है। इन सभी रिश्तों को निभाने के बाद भी वह पूरी शक्ति से नौकरी करती है ताकि अपना , परिवार का , और देश का भविष्य उज्जवल बना सके।

विज्ञान और तकनीकी पर निबंध

? विज्ञान और तकनीकी पर निबंध बहुत से क्षेत्रों में विज्ञान और तकनीकी की उन्नति ने लोगों के जीवन को प्राचीन समय से अधिक उन्नत बना दिया है। विज्ञान और तकनीकी की उन्नति ने जहां एक तरफ लोगों की जीवन-शैली को प्रत्यक्ष और सकारात्मक रुप से प्रभावित किया है , वही दूसरी ओर इसने लोगों के स्वास्थ्य पर अप्रत्यक्ष और नकारात्मक प्रभाव भी डाला है। इस आधुनिक दुनिया में एक देश के लिए दूसरे देशों से मजबूत , ताकतवर और अच्छी तरह से विकसित होने के लिए विज्ञान और तकनीकी के क्षेत्र में नए आविष्कार करना बहुत आवश्यक है। इस प्रतियोगी समाज में , हमें आगे बढ़ने और जीवन में सफल व्यक्ति बनने के लिए अधिक तकनीकों की जरूरत है। आज मनुष्य ने विज्ञान और तकनीकी में बहुत विकास कर लिया है। अब तकनीकी के बिना रह पाना नामुमकिन हो गया है। इसने हमारे जीवन को सरल , आसान और सुविधाजनक बना दिया है।

? આજ નો વિશેષ દિન કારગિલ વિજય દિન

? આજ નો વિશેષ દિન કારગિલ વિજય દિન                                                                 કારગીલ યુદ્ધ ભારત અને પાકિસ્તાન                                                                વચ્ચે મે અને જુલાઇ , ૧૯૯૯માં કાશ્મીરના                                         કા...